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बॉलीवुड अभिनेता इरफ़ान खान का निधन

इरफान खान /Irfan  khan

 जिहां  हम फिल्म एक्टर इरफ़ान खान की बात कर रहे है | यह नाम सुनते ही हमारे सामने हासिल (Haasil ) फ़िल्म का वो किरदार याद आ जाता है जो खतरनाक विलेन होते हुए भी शांति से लोगो को डराता है। और उनके इसी किरदार के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ खलनायक का फ़िल्मफेयर पुरस्कार भी प्राप्त हुआ था। मकबूल पान सिंग तोमर , हिंदी मीडियम,लंच बॉक्स,पीकू जैसी बेहतरीन फिल्मे उन्होंने बॉलीवुड को तो दी ही है। साथ मे उन्होंने हॉलीवुड की स्लमडॉग  मिलेनिअर,  अमेज़िंग स्पाइडर मैन, लाइफ ऑफ पाई जैसी बेहरीन और सुपरहिट फिल्में भी की है। बड़ी बड़ी बोलती आंखे एकदम संजीदा  व्यक्तित्व  और शांत स्वभाव के इंसान इरफान खान। अदाकारी की दुनिया के बेहतरीन अदाकारों में से एक थे उनके  अभिनय का हर कोई कायल था।

इरफान खान ने अपने फिल्मी करियर में   काफ़ी  फिल्मे की  है जिसमे ज्यादातर सफल और यादगार फिल्मे रही है। अंग्रेजी मीडियम (Angrezi medium ) यह उनकी आखरी फ़िल्म थी जो उनके मृत्यु से पहले  रिलीज़  हुई थी। national school of drama (NSD) में पढ़ते हुये ही सलाम बॉम्बे फिल्म में एक छोटे से किरदार से अपना फिल्मी करियर शुरू करने वाले इरफान खान को पहचान “हासिल” फ़िल्म से मिली। हालांकि उससे पहले उन्होंने कुछ हिंदी सीरियल भी किये थे। जिनमें प्रमुखता से चाणक्य, चंद्रकांता इत्यादि धारवाहिक थे।

इरफ़ान खान को पान सिंग तोमर फिल्म में निभाए उनके किरदार के लिए श्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय (national) पुरुस्कार मिला वही भारत सरकार ने कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए  “पद्मश्री” से भी सम्मानित किया।

7 जनवरी 1967 को इरफान खान का जन्म राजस्थान जयपुर शहर  में एक मुस्लिम  पठान परिवार में हुआ था। उन्हें अभिनय के साथ साथ क्रिकेट में भी अधिक रुचि थी। 2018 में उन्हें पता चला की उन्हें न्यूरोइंडोक्राइन ट्यूमर नामक बीमारी हो गई जिसका उन्होंने ब्रिटेन में जाकर इलाज भी करवाया था। लेकिन इसी बीमारी के इंफेक्शन के चलते  53  वर्ष की उम्र में  29 अप्रैल 2020 को मुंबई के अँधेरी वेस्ट में  स्थित  कोकिलाबेन धीरूभाई अम्बानी  हॉस्पिटल में उन्होंने इस दुनिया को हमेशा के लिये अलविदा कह दिया।। अपने पीछे वो अपनी पत्नी सुतापा  सिकंदर और 2 बच्चों को छोड़ गए। अपने  बेहतरीन अभिनय के लिए वो हमेशा  याद  रखें  जायेगे।|